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Paschatap (पश्चाताप)

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Paschatap



आज ऑफिस के काम में ज़रा भी मन नहीं लग रहा था। सुबह तैयार होते हुए पत्नी से झगड़ा हो गया था। आई कार्ड और बाइक की चाभी ढूंढने में पत्नी साथ नहीं दे रही थी, लगी थी नाश्ता खिलाने की जिद में। गुस्से में मेरा हाथ उठ गया, लेकिन अगले ही पल मुझे बेहद अफ़सोस हुआ "ये मुझसे क्या हो गया।" वो बहुत रोई थी। रोया तो मैं भी था, लेकिन भीतर ही भीतर, पश्चाताप में। घोर अपमान से पीड़ित पत्नी ने बात तो क्या मेरी तरफ देखा तक नहीं। मनाने की हर कोशिश पर पत्नी बिफर उठती, "दूर हटो, आप से कोई बात नहीं करनी .... अपनी जान दे दूंगी, तब रोना बैठ कर।" कई बार माफी माँगी, कभी भी ऐसी गलती न दोहराने की कसमें खायीं, पत्नी फिर भी नहीं मानी। ऑफिस को देर हो रही थी "अब बहुत हो गया" मेरे अंदर का मर्द अकड़ गया ... ऑफिस के लिए निकलते वक्त पत्नी ने रोज की तरह मुझसे bye भी नहीं किया। मेरी गर्दन भी अकड़ी हुयी थी। "अरे यार! हो गयी गलती, अब क्या जान दे दूं??" आफिस से बीस पच्चीस बार फोन मिलाने के बाद भी जब पत्नी ने फोन नहीं उठाया, तब किसी अनहोनी की आशंका ने पैरों तले की जमीन हिला दी, कहीं कुछ कर न लिया हो? माथा पसीने से तरबतर हो गया। कांपते हाथों से अचानक तबियत खराब हो जाने की एप्लीकेशन घसीट कर ऑफिस से चल पड़ा। दिमाग में बुरे विचारों का झंझावात मचा था। बाइक की स्पीड और बढ़ा दी क्योंकि एक-एक सेकेण्ड मायने रखता था। घर का दरवाजा खुला था। बदहवासी में दोनों कमरे व् किचेन देख डाले। अब घबराहट बढ़ती जा रही थी। तभी पड़ोस से पत्नी को सही सलामत आते देख जान में जान आयी। उसका बेहद रुआंसा चेहरा देख मेरी आँखें नम हो गयीं। इतनी प्यारी सीधी साधी पत्नी को बेबात दुःख दिया। आत्मग्लानि और पछतावे से आँखें बहने लगीं। मुझे जाने क्या सूझा, अपने कान पकड़ कर उठक बैठक लगानी शुरू कर दीं और हर बार बोलता गया -"सॉरी, फिर ऐसा नहीं करूंगा।" थक के चूर-चूर, पसीने से तरबतर लेकिन न रुका। थोड़ी देर पत्नी मेरी बिगड़ती हालत देखती रही, यदि न रोका तो चक्कर खा कर गिर ही न पड़े। वह बोल उठी - "अब बस करो बहुत हो गया।" लेकिन न बैठक लगानी रुकी और न आँखों से बहता पश्चाताप। पत्नी की आँखें भी टपक रही थीं। पत्नी आगे बढ़ कर मेरे सीने से लग गयी ..... । बस इतनी सी है ये कहानी ....



Story Written By - Pratyush Aryan (Pramod Verma) B.Sc. B.Ed. (Maths) Teacher, Web Designer And Writer


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